यूक्रेन युद्ध के बीच मंगलवार को जब यह खबर आई कि रूस ने अब पड़ोसी देश पोलैंड पर भी हमला दिया है तो दुनिया में हड़कंप मच गया। नाटो का हिस्सा पोलैंड पर हमले के बाद तीसरे विश्व युद्ध तक की आशंका जताई जाने लगी। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे लेकर रूस पर अटैक किया और उकसाने वाला बताया। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि नाटो देशों को अब इसका जवाब देना चाहिए। हालांकि अब जानकारी सामने आई है कि रूस की ओर से यह अटैक नहीं किया गया था। शुरुआती जांच में पता चला है कि जो मिसाइल पोलैंड में गिरी है, वह रूस की नहीं थी। जांच में पता चला है कि पोलैंड में गिरी मिसाइल यूक्रेनी सेना की थी, जिसे उसकी ओर से रूसी हमले का जवाब देने के लिए दागा गया था। ऐसे में जेलेंस्की के बयान पर सवाल उठता है कि क्या वे झूठ बोल रहे थे ताकि नाटो देशों की मदद जंग में हासिल की जा सके। अब तक नाटो देशों ने यूक्रेन युद्ध में सीधे उतरने से इनकार किया है क्योंकि वह नाटो का सदस्य नहीं है। ऐसे में क्या यह जेलेंस्की की चाल थी कि इस बहाने अमेरिका समेत नाटो देश सीधे तौर पर रूस के खिलाफ जंग में उतर जाएं। हालांकि अब जांच के बाद इसकी संभावना नहीं है। खुद बाइडेन ने ही कहा था कि जांच के बाद ही रूसी हमले के दावों पर कुछ कहा जा सकेगा।
