संत हिरदाराम नगर । आज से 38 साल पहले 02-03 दिसंबर, 1984 की दरमियानी रात को विश्व की भीषणतम गैस त्रासदी का दंश भोगने के बाद भी बैरागढ़वासियों को अब तक न तो मुआवजा मिल सका, न इलाज की सुविधा मिली। नागरिकों को मुआवजा दिलवाने के लिए बैरागढ़ में अलग से गैस पीड़ित संघर्ष मोर्चा का गठन किया गया था। मोर्चा ने लंबे समय तक संघर्ष भी किया, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
